मेरा 15 साल से गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट और गुल मंजन का सेवन करने से खराब दांत, मसूड़े, जबड़े और पूरा मुंह कैसे साफ और ठीक हुआ? True Story – Pramod Prajapati

Friends, 15 साल तक गुटखा, तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट और गुल मंजन खाने से मेरे दांत, मसूड़े, जबड़े और पूरा मुँह खराब हो गया था। मैं यहां अपनी सच्ची कहानी और वह तरीका बता रहा हूँ जिससे मेरा दांत और मुँह पूरी तरह से साफ और ठीक हो गया है।

मेरा गुटखा तम्बाकू की लत में पड़ने की शुरुआत कैसे हुई?

दोस्तों, मेरा इन सब चीजों की लत में पड़ने की शुरुआत गुटका खाने से ही हुई थी। सबसे पहले मैंने एक दो गुटका खाना शुरू किया था, जब एक दो गुटखा खाता था तो मेरे दांत कुछ दिनों तक साफ रहते थे।

धीरे धीरे गुटखा खाने की लत बढ़ती गयी, दिन भर में 6-7 गुटखा खाने लगा, रात में खाना खाने के बाद भी गुटखा खाने लगा, गुटखा खाने की जब लत बन गई, बार बार मैं गुटखा खाने लगा तो उस समय मेरे दांत बहुत ज्यादा गंदे होने लगे।

जो भी मुझको देखता था कहता था गुटखा ये खाता है, दोस्तों उस समय उम्र मेरा कम था, पढ़ाई लिखाई का उम्र था अगर कोई बोल देता था कि ये गुटखा खाता है तो बहुत शर्म लगता था।

धीरे धीरे गुटखा खाने से दांत बहुत ज्यादा गंदे होने लगे थे, मैंने सोचा कि अपने दांतों और मुँह को इतना ज्यादा गंदे होने से बचाना है।

मैंने गुटखा छोड़ने का दृढ़ निश्चय किया!

पाउच वाला गुटखा जैसे – पुकार, संजोग, कमला पसंद, बाबा, इत्यादि खाने से जब मेरे दांत बहुत ज्यादा गंदे हो गए तब मैंने गुटखा छोड़ने का निश्चय किया। इसके बाद अपने गंदे दांतों को देखकर मैंने निश्चय किया कि अब मैं गुटखा कभी नहीं खाऊंगा, गुटखा खाना छोड़ दूँगा।

मैंने गुटखा की जगह तम्बाकू खाना शुरू किया!

गुटखा छोड़ने का संकल्प करने के बाद मैंने तंबाकू खाना शुरू किया, शुरुआत में तंबाकू खाना अच्छा नहीं लगता था तो कभी-कभी तंबाकू खाता था और दिन भर में 1-2 बार मिल जाता था तो गुटखा भी खाता था।

लेकिन धीरे-धीरे 8-10 दिन में तंबाकू खाना मुझे अच्छा लगने लगा, इसके बाद मैंने गुटखा को पूरी तरह से छोड़ दिया और सिर्फ तंबाकू खाकर रहने लगा, साथ ही दांतों के साफ-सफाई पर भी ध्यान देना शुरू किया।

पूरी तरह तम्बाकू पर निर्भर होने के बाद तम्बाकू को भी छोड़ने का संकल्प किया!

कुछ महीनों तक तंबाकू लगातार खाने के बाद मुझे महसूस हुआ कि यह तंबाकू भी हमारा बहुत ज्यादा नुकसान कर रहा है मुझे दिखाई देता था कि यह तंबाकू भी मेरे शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है इसलिए मैंने तंबाकू को भी छोड़ने का निश्चय किया।

क्योंकि तंबाकू खाने से मालूम हो रहा था कि यह तम्बाकू भी बहुत ज्यादा नुकसान हमारे शरीर को, हमारे दांतों को, मुंह को, मसूड़े और जबड़े को पहुंचा रहा है इसलिए मैंने तंबाकू को भी छोड़ने का निश्चय किया। और मैंने संकल्प किया कि अब मैं तंबाकू को भी नहीं खाऊंगा जैसे गुटखा को खाना छोड़ दिया वैसे ही अब तंबाकू को भी खाना पूरी तरह से छोड़ दूंगा।

गुटखा-तम्बाकू छोड़ने के ज़्यादातर प्रयासों में Relapse हो जाता था!

गुटखा और तंबाकू के छोड़ने के अधिकतर प्रयासों में Relapse हो जाता था। जब भी मैं संकल्प करता था कि अब आज से तंबाकू नहीं खाएंगे तो दो-चार घंटे के बाद, कभी-कभी एक-दो दिन के बाद, कभी-कभी 10-15 दिन के बाद, और कभी-कभी एक दो साल, डेढ़ साल के बाद तंबाकू खाने की इतनी जबरदस्त इच्छा (Craving) अंदर आती थी कि फिर तंबाकू खाना ही पड़ता था।

तंबाकू खाये बिना नहीं रहा जाता था। कई सालों तक इस तरह से Relapse होता था। बार-बार मैं छोड़ने का संकल्प करता था और बार-बार इन सब चीजों को छोड़ने का प्रयास असफल रहता था।

तंबाकू को छोड़ने के प्रयास में इस तरीके से बहुत संघर्ष करना पड़ा और आज पूरी तरह से इन सब चीजों से मुक्त हो गया हूं। आपसे बताते हुए बेहद खुशी है कि मैं आज गुटखा-तम्बाकू, सिगरेट-बीड़ी इन सब चीजों की लत से पूरी तरह से आजाद हूं।

मैंने गुल मंजन खाना क्यों शुरु किया था?

तंबाकू खाने से लोगों को मालूम हो जाता था क्योंकि जहां पर हम मुँह में तंबाकू को रखते थे वहां पर थोड़ा सा उभार आ जाता था।

ऊपर से चेहरे को देखकर पता चल जाता था कि तंबाकू कहां पर रखा गया है।

और लोगों को पता ना चल जाए कि मैं तंबाकू या गुटखा खाया हूं इस चीज से बचने के लिए मैंने गुल मंजन का सेवन शुरू किया था।

गुटखा और तंबाकू की जगह पर जब मैं दिन भर में कई बार गुल मंजन को खाता था तो ये हमारे मसूड़े और जबड़े को बहुत ज्यादा काट देता था, बिल्कुल झलरा कर देता था।

इससे खाने-पीने में बहुत दिक्कत होता था इसलिए मैंने गुल मंजन भी छोड़ने का निश्चित किया। और इसको छोड़कर बीड़ी सिगरेट पीना शुरू कर दिया।

क्योंकि मैं अपने दांतों को, मसूड़े को, जबड़े को, मुंह को किसी भी कीमत पर गंदे होने से, कटने-पिटने से बचाना चाहता था।

गुटखा के दाग धब्बों को अपने दांतों से कैसे साफ करें?

अब मेरे दांत और मेरा पूरा मुंह बिल्कुल पूरी तरह से ठीक हो गया है, साफ हो गया है। अब मुझे बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है। जैसा उस समय महसूस होता था। जब मैं इन सब चीजों को नहीं खाता था।

अब ना तो मुँह से कोई दुर्गंध आती है, ना ही कहीं पर कटा-पिटा कुछ महसूस होता है। सब कुछ बिल्कुल ठीक हो गया है, मुंह से अब गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट की दुर्गंध भी नहीं आती है, धीरे-धीरे सब अपने आप ठीक हो गया है।

अगर आप इन सब चीजों को छोड़ने में कामयाब हो जाते हैं तो आपको कोई ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ेगा, आपके जो दांत है, मसूड़े हैं, जबड़े हैं जो अक्सर गुटखा, बीड़ी और सिगरेट का सेवन करने से गंदे हो जाते हैं। वह सब धीरे-धीरे अपने आप ठीक हो जाएगा। आप जैसे प्रतिदिन अपने दांतों व मुंह को टूथब्रश से साफ करते हैं, जीभ को साफ करते हैं, बस इतना ही करें…

और एक चीज मैं बताना चाहता हूं। अगर आपको लगता है कि आपके दांतों पर गुटखा, तंबाकू और बीड़ी, सिगरेट का असर है, अभी वे गंदे हैं, अभी वैसा नहीं हो पाए हैं, जैसा कि वे उस समय थे, जब आप इन सब चीजों का सेवन नहीं करते थे, तो कभी-कभी हफ्ते में एक दिन आप अपने हाथ में थोड़ा सा बेकिंग सोडा लें और टूथब्रश की सहायता से धीरे-धीरे अपने दांतों को, जबड़े को, मसूड़े को बेकिंग सोडा से साफ करें, अपने जीभ को भी अच्छे से साफ करें।

जब भी बेकिंग सोडा से अपने दांतों को मसूड़े को, जबड़े को, जीभ को साफ करें तो कभी भी बहुत ज्यादा टूथब्रश को दबाकर इसका इस्तेमाल न करें। नही तो यह आपके दांतों की ऊपरी परत को कमजोर कर देता है और आपके दातों में भविष्य में ठंडा गरम पानी कुछ दिनों के लिए लग सकता है।

इसलिए जब भी बेकिंग सोडा से अपने दांतों को साफ करें तो बहुत हल्के हाथों से करें। और हफ्ते में सिर्फ एक बार ही बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें, जिस दिन भी करें। एक-दो बार दांतों को इससे साफ कर सकते हैं। इसके बाद एक हफ्ते के पहले बेकिंग सोडा से अपने दांतों को साफ ना करें।

एक हफ्ता के अंतराल पर ही अपने दांतों को आप बेकिंग सोडा से साफ करें। जब तक आपको लगता है कि आपके दांतों पर अभी भी गुटखा और तंबाकू का असर है।

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